• abhishekmanukumar 17w

    मेरेे इश़्क! के नस़ीब! में, बस! रात! आई हैं...
    कभी मुकम़्मल! चांद! आया,
    तो कभी जुगनूओं! की बारात! आई हैं...
    -abhishek manu kumar