• anangshri 7w

    रहनुमा

    जाने अभी कितने तीर बाक़ी हैं तेरे तरकश में ए ज़िंदगी , तू रोज़ तीर चलाती रही मैं नित अपने को बचाता रहा । तेरे तरकश के तीर जब ख़त्म होने लगें तो बता देना मुझको , तेरे ही चले तीर तुझे फिर से सौंप दूँगा कि फिर से चला सको । इक साया है जो मुझे हर बार बचा ले जाता है , वो साया जो मेरा रहनुमा है ।