• conglomerate_world 14w

    मातृ दिवस

    घुटनो से रेंगते रेंगते,
    कब पैरों पर खड़ा हुआ,

    तेरी ममता की छांव में,
    ना जाने कब बड़ा हुआ,

    कला टीका दूध मलाई,
    आज भी सब वैसा है,

    मैं ही मैं हूँ हर जगह,
    प्यार ये तेरा कैसा है?