• bhargava_prem 15w

    आबरू

    सुबह होती है, शाम होती है
    कोई एक आबरू, बदनाम; यहाँ सरेआम होती है।
    सुनों हैवानियत के उभरते हुए शहजादों
    इसीलिये तुम्हारी नस्लें तमाम होती है। ।


    ©bhargava_prem