• balyanshikha 23w

    माँ

    आज भी उनका मेरा हाथ पकड़ के मुझे सड़क पार कराना
    आज भी मेरा ज़रा सा डरने पर उनका नाम ले कर चिल्लाना
    आज भी उनका वो टी॰वी॰पर विदाई का सीन देख कर रोना
    आज भी मेरा घड़ी में पाँच बजते ही उनके लिए चाय बनाना
    आज भी उनका मेरे ग़ुस्सा होने पर मुझे राजकुमारी कह कर मनाना
    आज भी मेरा तनहा होने पर सबसे पहले उन्हे फ़ोन मिलाना
    आज भी उनका मेरे घर जाने पर दरवाज़े पर खड़े पाना
    आज भी मेरा उनके लिए प्यार बयाँ करते हुए अल्फ़ाज़ों का कम पड़ जाना
    और आज भी उनका मेरे बिना कुछ कहे ही सब कुछ समझ जाना