• babita_sharma 2w

    समय की धारा बह रही है
    हम भी तो चल रहे हैं
    ना वो रूकती है ना हम रुक रहे है
    ना गम रुकते हैं ना खुशियाँ
    ना हवा रूकती है ना बरसातें
    फिर क्यों कहते हो रुक जाओ
    बहते आंसुओं तुम थम जाओ
    ज़रा सिखाओ तो सही तुम इन्हें
    रुकना,ठहरना,थमना ...........

    ©babita_sharma