• krishnakalantri 26w

    आज बैठे-बैठे फिर उस नन्नी सी जान का खयाल आया....

    ना जाने कितनी चिखी होगी,कितनी तडपी होगी,
    कितनी रहेम की भिक मांगी होगी,
    कितने दर्द से गुजरी होगी
    ओ नन्नी सी जान
    पर फिर भी उन हैवानों को रहम नहीं आया,
    देख के उसका ये हाल

    अरे इंसानियत तो बेच दी इन लोगो ने
    पर उस भगवान का तो खौफ था
    अरे हिसाब रखता है ऊपरवाला
    ये तो मालूम था
    पर उन से भी ना डरे ये
    ये भी कोई इंसान था....

    ©krishnakalantri