• lovejoshi 16w

    कुछ सवाल

    Inspired By zakir khan
    Zakir khan ki poetry ko aage continue kiya hai..

    मेरे कुछ सवाल है जो तुमसे सिर्फ क़यामत के दिन पूछूंगा
    क्योंकि उससे पहले तेरी और मेरी बात हो सके इस लायक नहीं हो तुम


    क्या तुम उसके लिए भी वह कॉलेज के लेक्चर बंक करके उसके साथ पार्क में हाथ में हाथ डाल घूम लिया करती हो जैसे मेरे साथ घूमा करती थी

    क्या तुम किसी अनजान को देखकर उसका भी वैसे ही हाथ थाम लिया करती हो जैसे मेरा थामा करती थी

    यह मेरे कुछ सवाल है जो तुझसे सिर्फ कयामत के दिन पूछूंगा क्योंकि उससे पहले तेरी और मेरी बात हो सके इस लायक नहीं हो तुम


    क्या तुम उस मेट्रो की भीड़ को देखकर उसके भी गले लगकर खड़े होना पसंद करती हो जैसे मेरे साथ हुआ करती थी

    क्या तुम उसको भी रात को फोन पर अपने पूरे दिन का हाल-चाल सुना दिया करती हो जैसे मुझे सुनाया करती थी

    क्या वह भी तुम्हें रोते हुए गुदगुदी कर हंसा दिया करता है जैसे मैं हंसाया करता था


    यह मेरे कुछ सवाल है जो तुमसे सिर्फ क़यामत के दिन पूछूंगा क्योंकि उससे पहले तेरी और मेरी बात हो सके इस लायक नहीं हो तुम
    ©lovejoshi