• pratyushpathak 6w

    धूप

    तपती धूप
    गर्म हवाओं का बवंडर,
    पतझड़ में टूटते पीत पत्र
    बंद गलियां,
    कुछ अंध कूप
    अज्ञात,
    वीरान जगह,
    संकेत मात्र
    और
    ये ढलती शाम
    दिया लौट जाने का पैग़ाम।
    ©pratyushpathak