• sonihardasani 7w

    चांद

    आज फिर तेरी याद आयी तो दिल यूहीं मचल उठा
    पता नहीं क्या कशिश है तुजमे...
    हम यूहीं फसते चले जाते है तेरे इस जाल में...
    यूहीं बहते चले जाते है तेरी इस चांदनी में..
    इतना भी ना सताया कर की हमे इस नशे की लत लग जाए..
    ©sonihardasani