• naarensingh 14w

    नीलाम हो गये

    यूं हम इसकदर ,लोगों की नज़र में सरेआम हो गये।
    कि इश्क ने किया निकम्मा ,और हम नाकाम हो गये।
    नही थी औक़ात जमाने में जो मेरी कीमत लगा सके!
    कबख़्त इश्क में हम क्या गिरे, मुफ़्त में नीलाम हो गये।

    ©naarensingh