• fitoori 6w

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
    बेटीयों को ये संस्कार सिखाओ
    देर रात तक घर से बाहर ना जाओ
    जूबान को कैंची की तरह ना चलाओ
    चूपचाप से सब कुछ सहती जाओ
    बदनाम हो जाओगी इसलिए
    न्याय पाने के लिये गुहार मत लगाओ
    और बेटे? उनके लिये कोई slogan क्यूं नहीं?
    ना जी ना बेटे तो सर्वगुण संपन्न है उनको संस्कार देने या पढ़ाने की क्या जरूरत? तभी तो बेटियों को पढ़ाने के चक्कर में बेटों की तरफ तो किसी का ध्यान ही ना गया
    बेटो के मामले में तो कुछ ऐसा है जी....
    बेटों को खुली छूट दिलवाओ....
    बेटों से दंगे करवाओ....
    बेटों से भारत बंद करवाओ....
    बेटियों पर तेजाब गिराओ....
    बेटों से Rape करवाओ....
    बेटों को हैवान बनाओ.....
    देकर रिश्वत उनके जुर्म को छुपाओ....
    विरोध में उठने वाली हर आवाज़ को दबाओ....
    न्याय देने की झूठी उम्मीद दिलवाओ....
    फिर case की कार्रवाई कई सालों तक चलाओ....
    मौक़ा मिलते ही सबूतों को मिटाओ....
    फिर धीरे धीरे उस case को दबाओ...
    जुर्म करें बेटे और पढ़ाने के लिये नारे लगाओ बेटियों के लिए.....
    मर्यादा पार करें बेटे और तमीज़ और शर्म का पाठ पढ़ाया जाता है बेटियों को....
    ये है मेरा देश महान....
    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे लगाकर....
    जहां सरेआम किया जाता है बेटियों का अपमान
    फिर भी सब यही हरबार हैं कहते...
    कि बेटा बेटी एक समान....
    लफ्ज़ हैं तीखे और लहज़ा है कड़वा हमारा
    पर मुद्दा लेकिन आज भी वहीं है हमारा कि....
    दरिंदगी से जिन्होनें किया इंसानियत को है बदनाम....
    इस बार सज़ा_ए_मौत उन सबको हो सरेआम...
    #justice

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