• sankalp_anand 12w

    मै

    टूटे दिल के टुकार्डो मे
    मै महफ़िल सजाता हूँ,
    गुमसुम मन के किनारों मे
    मै राग अलापता हूँ,
    हक़ीक़त कि कास्ति मे
    डूबता हूँ,
    ख़्वाबों कि मस्ती मे
    झूमता हूँ,
    अलबेली सी चाहत लीए
    मै खुद को तराशता हूँ।।
    ©sankalp_anand