• alpdev_2516 22w

    औरत होने की ये कैसी सज़ा मिली,
    बाबुल का आँगन छोड़ जाना था,
    ये मैं दुनिया कैसे छोड़ चली।।
    #A_Littile_raped_infant

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    बाबा ने...

    डोली उठने का ख़्वाब देखा था बाबा ने,
    ना जाने क्या भूल हुई बाबा से,
    आज मेरी अर्थी उठा रहे हैं।
    मुझे दुल्हन सी देखनी की चाह थी बाबा की,
    ना जाने कैसे आज मेरी अर्थी सजा रहे हैं।।
    मंडप की आग जलते देखना चहते थे बाबा,
    ना जाने कैसे,
    आज मेरी चिता जला रहे हैं।।
    ©बाबा_की_बेटी
    ©alpdev_2516