• sonusid 9w

    एक नज़र देखूँ, तो सब है यहाँ,
    एक नज़र देखूँ, तो कुछ भी नहीं।

    एक नज़र देखूँ, तो तुम हो यहाँ,
    एक नज़र देखूँ, तो तुम भी नहीं।

    एक नज़र देखूँ, तो अकेली हूँ मैं,
    एक नज़र देखूँ, तो वो पास है कहीं।

    एक नज़र देखूँ, तो मैं हूँ गलत,
    एक नज़र देखूँ, तो मैं ही सही।

    एक नज़र देखूँ, तो सब झूठ है,
    एक नज़र देखूँ, तो सच हैं कई।

    एक नज़र देखूँ, तो बड़ा शोर है।
    एक नज़र देखूँ, तो कोई आवाज़ ही नहीं।

    औरों से.. कुछ वक़्त लेके,
    एक नज़र, जरा कोई हमें भी देखे..!

    नज़रों का ये खेल, कोई हमारे साथ भी खेले,
    ज्यादा नहीं..!बस कुछ नखरे हँस के..
    कोई हमारे भी झेले।

    ये नज़र, अब बस ढूंढती है उसको,
    खबर नहीं है.. इन नज़रों की जिसको।