• _mohii_ 6w

    चाहे दर्द कैसा भी हो, बतलाना भूल जाती है,
    माँ सपने में आती है, लेकिन बात करना भूल जाती है !

    यूँ तो अनेक लोग मुझे घाव देने वाले,
    घाव पर मलहम कोई न लगाता, माँ लगाती है..

    खाना खाया, क्या खाया, कब खाया बहुत सवाल हैं जिम्मे उसके !
    मैं बताने में हिचकिचाऊं, फ़ोन ही काट देती है !

    अच्छा सुन, घर कब आना है ?
    या मैं आऊँ मिलने ?
    न जाऊँ तो दुखी रहती है, जाता हूँ - तो थोड़ा रो लेती है !

    बात करते करते उससे सो जाऊँ मैं अगर, माँ मालूम नहीं कब आती है और चद्दर उढ़ा जाती है !