• parthj 5w

    इंतजार

    इंतेहा इंतजार की
    जाने और कितनी होगी
    जैसे भटकती आत्मा हो
    और मोक्ष की तलाश हो
    जिस्म में बन्धन
    रोड़े है मेरे लिए
    तुमसे मिलना
    मानो मोक्ष से मिलना जैसे !!!
    ©parthj