• hirensrahasy 15w

    "मौत दे"

    ऐ..खूदा......!
    पहाड से भी बडा दु:ख दे दीया मुजे...
    और ताज्जुब की बात ये है की,मेरा हाल पुछनेवाला ऐक भी शक्स ना रखा तुने....!

    सुना था तु ईंम्तेहान लेता है.....!
    क्या तेरी ईतनी बडी दुनिया में होनहार मैं ही था....???

    अच्छे के साथ बुरा,बुरे के साथ अच्छा..???
    क्या यही तेरा न्याय है...??

    आज में अच्छा हुं तो ठोकरें खा रहा हुं..
    कल अगर बुरा बन जाऊं तो फीर मुजे नां केहनां.

    मुजपे जरा भी तरस नही आती तुजे..??????
    जो सुबह-शाम तेरा ही नाम लेता है
    ऊसी को तु सारे दर्द देता है....!

    मुजे नां नसीब कर तु दो वक्त की भी रोटी..
    मगर मेरे अपने......मेरे बनके रहे...ईतना ही करदे..

    नहीं चाहीये मुजे तेरी ये धन-दौलत..
    मुजे बस सब प्यार करे यही देदे....!

    तरस गया हुं कई सालों से..प्यार के लीये...!
    अगर ईतनां भी ना दे सके.....तो मुजे "मौत" ही दे दे....!
    ©hirensrahasy