• ankit_sultana 6w

    तुम जागना मेरे ख्यालो में,
    नींद ज़रा आज गहरी है

    जागा हु मैं तो कई रातो से,
    अब तो ख्यालो की बारी है

    क्या हुआ जो लम्बी है रातें,
    यहा तेरी मेरी पहरेदारी है

    तू दूर सा नही लगता मुझे,
    हर आहटों में तेरी परछाई है

    डूबना है बेबाक़ से तेरे ख्यालों में,
    तैरकर निकलना यहा से भारी है

    तुम जागना मेरे ख्यालो में,
    नींद जरा आज गहरी है
    ©ankit_sultana