• kavish_kumar 10w

    आज जमीन भी स्याही से नीली हो गई..

    जब मेरी डायरी पानी से गीली हो गई..

    हर अल्फ़ाज़ बहता-बहता बिलखने लगा..

    तुम्हारा नाम पन्ने से बूंद बनकर टपकने लगा..

    ©Aatish ��