• karnpalash 12w

    यूं तों कभी तेरे से बात नहीं हुई थी,
    यूं तों कभी मुझे किसी से मुहब्बत नहीं हुई थी,
    यूं तो मुझे खुद के अकेले रहने की आदत सी हो गई थी,
    यूं तो शायद मेरी हंसी भी कहीं गुम सी हो गई थी,

    पर तुझसे हुईं एक पल की बात ने,
    तेरी एक पल की उस हंसी ने,
    तेरी आंखों से छलकती आंसु ने,
    तेरी उस चंचलता ने,

    तुझे मेरे दिल के करीब ला दिया,
    और शायद मुझे तुमसे........।।

    © पलाश कर्ण