• vani_shiv 6w

    आज मैं जब भी रोता हूँ,
    तन्हाई में सोता हूँ,
    मुझे तेरा होना याद आया,
    माँ मुझे फिर तेरा आँचल याद आया।

    यूं तो तू बस है मेरे ख्वाबों में,
    भूली बिसरी यादों में,
    पर तेरे होने से मुझको सुकून आया,
    माँ मुझे फिर तेरा आँचल याद आया।

    वो जो तू अक्सर मेरी खातिर करती है,
    रातों में अक्सर मेरे लिए जागा करती है,
    उसपे तब नहीं अब मुझे यकीन आया,
    माँ मुझे फिर तेरा आँचल याद आया।

    वो जो बचपन में कलम से लिखना सिखाया तुमने,
    ये विचार भी तो तुम्हारी देन हैं,
    अब मुझे मुश्किलों से भी लड़ना आया,
    माँ मुझे फिर तेरा आँचल याद आया।

    मेरे सवाल का तू जवाब है,
    तेरे साथ मेरी दुनिया बेमिसाल है,
    दुनिया को जीतने का ढंग भी मुझे है आया,
    माँ मुझे फिर तेरा आँचल याद आया।
    ©vani_shiv