• kavish_kumar 19w

    कशमकश सारी टांग दी,मन की शांत शाख पर,

    बस अब एक एक सुलझानी है..

    सादगी का रंग चढ़ाकर, मन के खुले पाट पर,

    बस अब कशमकश की कहानी है..

    ©Aatish