• kavish_kumar 1w

    कशमकश सारी टांग दी,मन की शांत शाख पर,

    बस अब एक एक सुलझानी है..

    सादगी का रंग चढ़ाकर, मन के खुले पाट पर,

    बस अब कशमकश की कहानी है..

    ©Aatish ��