• alok_aj 13w

    Ek vaqt

    एक वक्त था , जब तुझसे बिछड़ जाने का डर लगा रहता था ,

    और तू कहीं छोड़ न दे , इस ख्याल भर से मै सहमा सहमा सा रहता था |

    लेकिन अब सुन ले , अब सुन ले

    इतना जलील हुआ हूँ तेरे इश्क में

    इतना जलील हुआ हूँ तेरी इन रोज रोज छोड़ने छाड़ने की आदत से ,

    कि तू अब 1 क्या , सौ दफा छोड़ जाये तो मुझे फ़र्क नहीं पड़ता

    Ek Vaqt Tha Jab Tujhse Beintiha Pyar Karta Tha
    ©alok_aj