• kush07 7w

    देख के यूं बाहर बरसात,
    आई मुझे याद वो वहशत..
    ना थी आंख में नींद,
    बस थी भीगते हुए यार की दीद ..
    ना था इश्क उसका किसी वहशत से कम kush,
    उस रोज़ बारिश में भीग वहशत-ए-इश्क में तबाह कर गई सब कुछ...

    ©kush

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    वहशत-ए-इश्क
    ©kush07