• pratyushpathak 15w

    निराशा

    निराश जिंदगी में कोई आशा की किरण नहीं,
    लक्ष्य बनाया है, मगर मंजिल नहीं ।

    हे ईश्वर पास हो जाऊ इस जिंदगी के खेल में,
    यदि न हो सके तो मर जाऊ इसी खेल में ।


    ©pratyushpathak