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    जो नहीं खुदके

    जो नहीं है खुदके वो हमारे क्या होगे
    जिनको नहीं पता मंझील वो साथ क्या चलेंगे
    शक तो हमे भी बहोत था काबिलियत पे तुम्हारे
    लेकीन हम हौसला आपका शिद्दत से बढ़ाते गए
    आपने हमारी बारी आयी तो टुकडे हजार कर दिए
    आपने तो अपना वक़्त पूरा लिया
    हम तोे सिर्फ चंद साँसो की सहुलत मिली
    कुछ अच्छे करम तो हमने भी किये होंगे
    वरना सांसे तो तभी रुक जाती थी हमारी
    जब इतने सालोंके बाद बता दिया आपने की मै हु नहीं तुम्हारी

    संदिप कुलकर्णी
    ©sk_2805