• kusumsharma 5w

    अभिलाषा

    न गोपी बनना न राधा
    न तेरी मीरा
    बनकर रहूँ बस मैं तो
    जैसी तूने मुझको भेजा
    विरहिणी बन पुकारती रहूँ
    तुझको हर पल
    वसन-वासना के हर लो बस
    हे!मदन गोपाल
    देखन तेरे मुखारविन्द को
    बना दो भ्रमरी
    इन अँखियन को
    तेरे मिलन की अभिलाषा में
    हिय-पीर यूँ ही
    उठती रहे
    ❤कुसुम❤