• anjaaan 34w

    श्रीदेवी💙

    चाँदनी से परे गमगीं एक रात है
    शेरनी के बिछड़ने की आयी सौग़ात है
    खुदा गवाह है उस क़ातिल-ए-अदाकारी का
    चालबाज़ बहुत ये आज बरसती बरसात है

    लम्हे सारे बदल गए है सदमों में
    नज़राना उसकी झलक का है इन अशकों में
    गुमराह शायद ये ज़माना है उसके चले जाने पर
    वक़्त की आवाज़ सुनाई दे रही है इन मुश्किल पलों में

    जुदाई इस तरह आएगी किसने था जाना
    सल्तनत की मल्लिका को अब है फूलों से सजाना
    तोहफ़ा ज़रा नाक़बूल दे गयी वो जाते जाते
    फरिसता बन गयी वो, छोर गयी पीछे यादों का खजना

    निगाहें करम हो ज़रा मौला उस सख़्सियत की तरफ़
    आख़री रास्ता बने उनका सीधे तेरी जन्नत की तरफ़
    नगीना थी जो इस भरी पूरी फ़िल्मी दुनिया की
    नया क़दम हो जब तब वो वापस आए इसी दुनिया की तरफ़ ❤️

    ~Anjaan