• deveshchinmay 14w

    माँ

    जब घेरा मुझे अंधेरो ने
    केवल उसने रोशनी दिखाई,
    जब लड़खड़ाया मैं
    वो बनकर सहारा आयी,
    रो रहा था मैं जब भी
    तब उसने मुझे हँसाया,
    हारी हुई बाजी का उसने
    मुझे जितना सिखाया,
    वो मेरी माँ

    ©deveshchinmay