• sanjivmunjal 27w

    कहने को नहीं होते, लेकिन कुछ तालुक होते हैं।
    ना जाने कौन हैं वो, जिनके ऐसे नसीब होते हैं।
    होते होंगे अजीब से तालुक क़या मालूम, शायद होगी कुछ बात उनमें अलग, फिलहाल जी रहे हैं हम यूहीं सुलग सुलग।


    ©संजीव मुंजाल