• raviraja_ 14w

    #4
    हर रैना

    हर रैना यह मन सोचे ,
    कल का नया सवेरा होगा,
    नई उमंगे छा जाएंगी,
    खुशियों का ही डेरा होगा ।

    होगा हर पल आनंद भरा,
    गम का कहीं ना बसेरा होगा,
    क्षितिज में जो गूंज उठेगा,
    वह नाम मेरा होगा।

    इन्हीं सुखद स्वप्नों के बीच,
    यह नैना झपक जाती है ,
    इस महत्वाकांक्षी मन को,
    सारी दुनिया की सैर करवाती है l

    सुबह जब आंखें खुलती है ,
    वही पुराना शमा मिलता है ,
    व्यस्त स्वार्थी और मतलबी ,
    दुःख से भरा जहां मिलता हैl