• thewanderingkid 7w

    क्यों

    मेरी खामोशी में भी दहकती आग होती है |
    मगर छाया दोपहरी के जैसे साथ होती है |

    मुल्क के उजियारे में गिनती के कुछ लोग आते है,
    अंधेरे में यहाँ बारात होती है |

    एक मामुली चोर भी कोतवाल डान्ट देता है,
    शायद यही पैसो की औकात होती है |

    राजनीति बताती है कि साम्प्रदायिकता, जातिवाद, धर्म ये सब उसके बछड़े है,
    और हर रोज इनसे उसकी बात होती है |

    कही सूरज उगता है कही चिड़ियाँ चहकती हैं,
    भारत मेरा घर है यहाँ क्यों रात होती है|

    सुबह से भी मिला हूँ मैं, वो आती तो है,
    मगर कंगाल होती है और बेजान होती है |

    हम जन मुल्क के 'दीपक' खुली खिड़की पर रखे हैं,
    हवाओ, आन्धियो, तूफ़ानो से हर पल मुलाकात होती है |
    @कौन्तेय दीपक