• aman619 15w

    उंगलिया यूँ ना सब पर उठाया करो
    खर्च करने से पहले कमाया करो,
    जिंदगी क्या है खुद ही समझ जाओगे
    बारिशों में पतंगें उड़ाया करो।

    शाम के बाद तुम जब शहर देख लो
    कुछ फकीरों को खाना खिलाया करो,
    दोस्तों से मुलाकात के नाम पर
    नीम की पत्तियों को चबाया करो।

    चाँद सूरज कहाँ अपनी मंज़िल कहाँ
    ऐसे वैसों को मुँह मत लगाया करो।


    ~डॉ राहत इन्दोरी