• romapathak 22w

    हक़

    जिस्म पर क्या हक़ जताते हो किसी की,
    औकात हैं पहुँचने की ,तो रूह तक पहुँचो ,
    यूँ तो तिजारत नही कर सकता कोई रूह की,
    चलो हिम्मत है तो, दिल तक भी पहुँचो।


    हयात
    ©romapathak