• aatman_jain 22w

    माँ

    ममता का सागर है तुझी में
    समता का गागर है तुझी में
    क्षमता का श्रोत है तुझी में
    पुत्र का वात्सल्य है तुझी में
    साहस और सहजता का समर्पण है तुझी में
    प्रेम और करुणा का झरना है तुझी में
    सुख है तू और खुसी है तुझी में
    देवी स्वरूपी तू ,और ईश्वर का वास है तुझी में .
    एक तू ही पूज्या है , तू ही ध्याता है , और तू ही ध्यान है...
    ©aatman_jain