• danish_gyan 27w

    गुलशन में फूल खिलते है और ये खिलते रहें,
    आप मुझसे मिरे सनम यूँ चोरी छिपे मिलते रहें।।

    आँधियों से,तूफानों से सबका वास्ता है यहाँ,
    आगे बढ़ना है तो आप बस, गिर के भी सम्भलते रहें।।

    वो चाहते हैं कि ये रात फिर आये नहीं,
    जुगनू चाहे रात को मचलते हैं तो मचलते रहें।।

    अब जो है हुकूमत हमारी तो हमें खौफ़ किसका,
    हमारे लोग ज़ुबाँ से फिसलते हैं तो फिसलते रहें।।

    ©danish_gyan