• adityakunwar 14w

    खुद्दार खानदान का जनाशीन हूँ तेरी हर चीज़ तूझे लौटाकर जाऊँगा,
    ए जिंदगी!तेरा दिया हर दर्द का कर्ज तूझे ब्याज सहित लौटाकर जाऊँगा;

    मत समझना ख़ुद के जैसा गद्दार, कविश का शागिर्द हूँ अपना मुकद्दर तेरे बिना ही बनाकर जाऊँगा ;
    मत भूलना कि तेरा ही मुरीद हूँ, तेरी ही दी हुई तालीम का आईना इनसाअल्लाह! तूझे ही दिखाकर जाऊँगा ।

    आदित्य कुंवर
    ©adityakunwar