• shriradhey_apt 14w

    अपनी ही वकालत करते करते थक सा गया हू मै
    रोज़ ही गुनाहगार बना देते है मुझको
    न बचने का मौका देते है मुझको
    न अपनी ही सफ़ाई दे पाता हूं मैं
    सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है मुझको
    न ही बच के कहीं जा पाता हूं मैं
    तुम आ भी जाओ अब कि अब
    इन सबसे थक सा गया हूं मैं

    ©shriradhey_apt