• sriyal_musaddi 15w

    आंखें

    अकसर लफ्ज़ कम पड़ जाते हैं,
    पर आंखें सब बयां कर जाती है।

    होंठों से मुस्कुरा देते हैं,
    पर आंखें भर आती हैं।

    आंखें ही तो‌ चेहरे की दर्पण है यारो,
    जितना भी झुठला दो सच कह ही जातीं हैं।
    ©sriyal_musaddi