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    माँ

    माँ है तो मायका,
    माँ है तो जायका।
    फुँदने सी बाँधती घर को,
    माँ है तो लड़कपन।
    शीतलता का एहसास,
    माँ है तो नवाबी।
    चौखट से लौटती बलाएँ,
    माँ है तो रोशनी।
    गड़गड़ाहट भरा संसार,
    माँ है तो नींदें।
    मौसम का जो हो फसाना,
    माँ है तो बसंत।
    विदाई तो एक रस्म,
    माँ है तो इन्तजार।
    माँ है तो मायका,
    माँ है तो जायका।
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