• arunbhardwaj 6w

    बकरे ! कावन तेरी दाढ़ी
    सांडर्स मियाँ तेरी खोपड़ी

    सपनों में आँख चुराये हैं
    कूका, सरदार की भय पड़ी

    Arun Bhardwaj (Atirek)