• kavish_kumar 1w

    ना तो किसी शरीर का धर्म है..

    ना तो किसी जीव का धर्म है..

    बस सोच में खीच चुकी है सरहदें..

    बस सोच ही का धर्म है..

    पर इंसान हमेशा सत्य है..

    जिसका कर्म ही परम धर्म है..

    © Aatish ��