• kavish_kumar 9w

    सब मेरे हो जाये और तुम ना हो,
    तो क्या बात है...
    सब अल्फाज मेरे हो..
    सारे मेरे सवेरे हों..
    तुम्हारी महक ना हो अल्फाजों में..
    तुम साथ ना हो मेरे सवेरो में..
    तो क्या बात है..
    तो क्या बात है..
    स्वांग सारे तुम सजाओ..
    हर खूबी से मुझे रिझाओ..
    पर फिर मुस्कान अनुपस्थित हो..
    तो क्या बात है..
    तो क्या बात है..
    © Aatish ��