• masakalibytes 16w

    तुम

    एक अजीब सा रिश्ता है मेरा… तुम्हारे फोन के साथ
    क्यूंकी तुम तो मसरूफ़ रहते हो
    और शायद यही मसला है मेरा, तुम्हारे बिना जीना आता नही, तुम्हारे साथ जीना चाहती नही

    जब तुम्हारी याद आए, तो मॅन कहता है अभी इसी वक़्त तुम्हारी आवाज़ सुन लून
    रात भर जब जाग के खुली आँखों से सपने देखने की कोशिश करती हूँ तो खुद को रोक लेती हूँ
    जैसे एक पाबंदी लगादि हो खुद पर…
    क्यूंकी मेरा अहम मेरे प्यार से बड़ा है, और तुम्हारा भी

    क्या तुम्हें याद नही वो लम्हें जो हम साथ बिताया करते थे और वादें निभाने की बातें किया करते थे?
    मैं तो नही भूली हर वो लम्हा पर वक़्त ने अपना सितम किया और ले आया हमारे बीच यह दूरियाँ
    जब फोन और WhatsApp के साथ रिश्ता रह गया है हमारा

    एक बार भी वो आवाज़ सुन लून या वो जवाब पा लून तुमसे तो लगता है जैसे एक और ज़िंदगी जी लून तुम्हारे पास, तुम्हारे साथ, तुम्हारे करीब



    ©masakalibytes