• jayant_singla 22w

    तू,
    वो हसीन शाम,
    और उस शाम में तेरी आंखो में खुदको ढूंढने की जुस्तजू ,
    उन सब को खो देने की फितरत कभी नहीं थी मेरी,

    बस अचानक,
    खुद को ढूंढने का एक फितूर सा हो गया
    मुसलसल वो फितूर मेरी उस फितरत से काफी ऊपर हो गया ।।

    ©jayant_singla