• _afkaar 15w

    सोचा साथ जन्मों का है मेरा तुम्हारा....
    प्यार भी लगा बेइन्तेहाँ है मेरा तुम्हारा.....

    नजाने क्यूँ ज़िन्दगी इम्तेहान लेने से यहां भी बाज़ न आई....
    और एक चुभने वाली याद बन रेह गया ये रिश्ता मेरा तुम्हारा....

    ©_afkaar