• cathartic_tales 6w

    नाराज़गी है दिल में बहुत, माफ़ नहीं कर पाऊंगा;
    आंसुओ का हिसाब रखा है मैंने, ऐसे कैसे भूल जाउंगा;
    कितनों की आस तोड़ी हैं, ये गिनती कैसे ना याद रखूंगा;
    सबकुछ जो खो दिया है, उनके ख्यालों मै क्यों न भटकूंगा;
    ख्वाब देखने का भी हक गवा दिया है मैंने, यादें तो साथ रखूंगा;
    नाराज़गी बहुत है दिल में, खुद को न कभी माफ करूंगा,
    खुद को न कभी माफ करूंगा।
    ©its_devanshsingh