• meenupandey 12w

    मंजिल

    ने थकियो पथिक, ने थकियो पथिक ।
    मंजिल मिल जेहे, तुम खों ।

    जीवन में मानो न हार।
    ड़ालो विपदाओं को अचार।
    नई डरियो पथिक, नई डरियो पथिक।
    मंजिल मिल जेहे तुम खों।

    सोच हमेशा ऊंची रखियो।
    मन की सुनियो, मन की करियो।
    मन की करियो पथिक, मन की करियो ।
    मंजिल मिल जेहे तुम खों।

    जीवन खों तुम युध्द ही जानो।
    सोच समझ कें ,भेदो निशानों ।
    न पीछे हटियो पथिक,न पीछे हटियो पथिक।
    मंजिल मिल जेहे तुम खों।

    करो ,मां-बाप की सेवा ।
    मिले तुम्हें आशीर्वाद को मेवा ।
    संग रखिओ पथिक, संग रखियो पथिक।
    मंजिल मिल जेहे तुम खों।
       ड़ाॅ मीनू पाण्डेय