• ankit_4 6w

    हमसफ़र

    यु तो साथी बोहोत मिलें
    जिंदगी के इस सफ़र में,
    पर दर्द समझ सकें बताये बिना
    वो हमसफ़र अभी तक नहीं मिला है।

    साथ में मुस्कुराने वाले भी
    मिले खुशी के पलों में,
    साथ में रोने वाली नहीं
    मिली इन सिलसिलोमे ।

    तन्हा फिर रहे हैं हम
    मंजिल की तलाश में,
    हमराही मिल जाता तो
    सफ़र पुरा कर पाता काश मैं।

    कमी तो नहीं है किसी चीज
    की फिर भी तन्हा हु मगर,
    इस मुश्किल घड़ी में हौसला
    देने के लिए काश होती हमसफ़र।

    ©ankit_4